Muharram 2020 / Moharram 2020

मुहर्रम क्यों मनाया जाता है ?

इमाम हुसैन और उनके फॉलोअर्स की शहादत की याद में दुनियाभर में शिया मुस्लिम मुहर्रम मनाते हैं। इमाम हुसैन, पैगंबर मोहम्मद के नाती थे, जो कर्बला की जंग में शहीद माने हुए थे। मुहर्रम क्यों मनाया जाता है, इसके लिए हमें तारीख के उस हिस्से में जाना होगा, जब इस्लाम में खिलाफत यानी खलीफा का राज था। ये खलीफा पूरी दुनिया के मुसलमानों का प्रमुख नेता होता था। पैगंबर साहब की वफात के बाद चार खलीफा चुने गए थे। लोग आपस में तय करके इसका चुनाव करते थे।

मुहर्रम कब है 2020 ?

वर्ष 2020 के लिए आप उम्मीद कर सकते हैं कि 03 या 04 अगस्त के बीच में मोहर्रम महीने का दसवां दिन होगा, जिसे आशूरा भी कहते हैं. भारत में सरकारी छुट्टी इसी दिन होता है. मुहर्रम 2020 date क्या होगा कंफर्म पता चाँद देखने के बाद ही आपको चल पाएगा. लेकिन ऐसा अनुमान है की इस बार २८ अगस्त 28 august को होगा Muharram 2020 .

मुहर्रम का इतिहास हिंदी में

इस्लाम (Islam) धर्म में विश्वास रखने वालों के लिए मुहर्रम (Muharram) एक खास त्योहार है. मुहर्रम इस्लामी वर्ष यानी हिजरी सन का पहला महीना है. इस महीने को इस्लाम के चार पवित्र महीनों में शुमार किया जाता है. | इस महीने के 10वें दिन को 'आशुरा' कहा जाता है. इस दिन हजरत रसूल के नवासे हजरत इमाम हुसैन (Hazrat Imam Hussain) को और उनके बेटे घरवाले और उनके सथियों (परिवार वालो) को करबला के मैदान में शहीद कर दिया गया था. मुहर्रम का यह दिन सबसे अहम माना जाता है. इस दिन हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद किया जाता है. इस्‍लामी मान्‍यताओं के मुताबिक इराक में यजीद नाम का जालिम बादशाह का शासन था जिसका अल्लाह पर कोई विश्वास नहीं था. याजिद हजरत इमाम हुसैन को अपने खेमे में शामिल करना चाहता था. हुसैन को यह मंजूर नहीं था और उन्‍होंने यजीद के विरुद्ध जंग का ऐलान कर दिया.

मुहर्रम कैसे मनाया जाता है |

शिया समुदाय के लोग मुहर्रम की दसवीं तारीख को काले कपड़े पहनकर हुसैन और उनके परिवार की शहादत को याद करते हैं. हुसैन की शहादत को याद करते हुए सड़कों पर जुलूस निकाला जाता है और मातम मनाया जाता है. मुहर्रम की नौ और 10 तारीख को मुसलमान रोजे रखते हैं और मस्जिदों-घरों में इबादत की जाती है. वहीं सुन्‍नी समुदाय के लोग मुहर्रम के महीने में 10 दिन तक रोजे रखते हैं. कहा जाता है कि मुहर्रम के एक रोजे का सबाब 30 रोजों के बराबर मिलता है.

मुहर्रम का जुलुस क्यों निकला जाता है ?

शिया समुदाय के लोग मुहर्रम की दसवीं तारीख को काले कपड़े पहनकर हुसैन और उनके परिवार की शहादत को याद करते हैं. हुसैन की शहादत को याद करते हुए सड़कों पर जुलूस निकाला जाता है और मातम मनाया जाता है. इसलिए मुहर्रम में जुलुस निकला जाता है |

मोहर्रम का रोज़ा रखना क्यों जरुरी है ?

हदीस के अनुसार, मोहर्रम महीने का 9 तारीख का रोजा 30 रोजों के बराबर का सवाब मिलता है. उसके साथ गुनाहों की माफ़ी भी मिलती है. मोहर्रम में रोजा रखना फर्ज नहीं है लेकिन एक बहुत बड़ा सुन्नत है, इसलिए इस दिन रोजा रखा जाता है |

मुहर्रम का ताजिया क्यों निकली जाती है ?

हुसैन की शहादत को याद में ही उनकी याद में ताजिया निकला जाता है |

Muharram / Islamic New year Observances

DATE HOLIDAY NAME
Jan 19, 2008 Muharram
Jan 07, 2009 Muharram
Dec 27, 2009 Muharram
Dec 17, 2010 Muharram
Dec 06, 2011 Muharram
Nov 15, 2012 Muharram
Nov 14, 2013 Muharram
Nov 03, 2014 Muharram
Oct 24, 2015 Muharram
Oct 12, 2016 Muharram
Oct 01, 2017 Muharram
Sep 21, 2018 Muharram
Sep 10, 2019 Muharram
Expected -28 or Aug 29, 2020 Muharram
Expected - Aug 19, 2021 Muharram

Follow Us on Facebook